
ऑनलाइन प्रशिक्षण
"साइबरस्पेस में उभरती चिंताएँ"
डिजिटल क्षेत्र में तीव्र वृद्धि ने संचार, सीखने और व्यावसायिक विकास के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ सृजित की हैं। तथापि, इस त्वरित डिजिटलीकरण के कारण साइबर संबंधी अनेक खतरे भी सामने आए हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देना आवश्यक है। इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन में निरंतर गहराई से जुड़ता जा रहा है, अतः व्यक्तियों एवं संस्थानों के लिए साइबरस्पेस के जोखिमों को समझना और संभावित कमजोरियों को प्रभावी ढंग से कम करना अत्यंत महत्त्वपूर्ण हो गया है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा संचालित युग में साइबर सुरक्षा के समक्ष विशेष चुनौतियाँ उपस्थित हैं। एआई तकनीक डिजिटल अनुभवों को उल्लेखनीय रूप से समृद्ध बनाती हैं, परंतु साथ ही डेटा उल्लंघन, पहचान की चोरी और एल्गोरिदम संबंधी पक्षपात जैसे जटिल साइबर खतरों के प्रति उपयोगकर्ताओं की सुभेद्यता भी बढ़ाती हैं। साइबर सुरक्षा में एआई के प्रभावों की समझ एक सुरक्षित डिजिटल परिवेश विकसित करने के लिए आवश्यक है।
साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य का अंतर्संबंध एक और चिंताजनक पहलू है। लंबे समय तक डिजिटल माध्यमों का उपयोग, साइबर धमकी और हानिकारक ऑनलाइन सामग्री के संपर्क में आने से मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन संवाद में संतुलन बनाए रखने तथा डिजिटल डीटॉक्स की रणनीतियाँ अपनाने से एक समग्र कल्याण सुनिश्चित किया जा सकता है।
ऑनलाइन मल्टीप्लेयर प्लेटफ़ॉर्म, संवर्धित वास्तविकता (AR) और ब्लॉकचेन आधारित गेमिंग के आगमन के साथ गेमिंग उद्योग में नाटकीय बदलाव आया है। इन प्रगतियों के साथ ही वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर उत्पीड़न और डेटा के अनुचित प्रयोग जैसे खतरे भी उभरे हैं। डिजिटल गेमिंग में सुरक्षा आयामों की समीक्षा से उपयोगकर्ता इन वर्चुअल मनोरंजन स्थलों को सुरक्षित एवं जागरूकता के साथ उपयोग कर सकेंगे।
व्यक्तिगत डेटा संरक्षण, ऑनलाइन निगरानी और डेटा उपयोग से संबंधित नैतिक चिंताओं के संदर्भ में डिजिटल गोपनीयता एक प्रमुख वैश्विक मुद्दा बनकर उभरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के खंड 23.6 के अनुसार डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा जागरूकता अत्यंत आवश्यक हैं। संस्थान इस जागरूकता के माध्यम से छात्रों और पेशेवरों को ऑनलाइन माध्यमों में सुरक्षित और नैतिक व्यवहार करने के लिए सक्षम बना सकते हैं।
इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, सीआईईटी-एनसीईआरटी द्वारा "साइबरस्पेस में उभरती चिंताएँ" विषय पर पांच दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दो संस्करणों में होगा: अंग्रेजी संस्करण 3 से 7 मार्च तक तथा हिंदी संस्करण 10 से 15 मार्च तक चलेगा।
सत्रों का प्रसारण एनसीईआरटी के यूट्यूब चैनल, पीएम ई-विद्या DTH टीवी चैनलों (6 से 12) और जियो टीवी मोबाइल ऐप पर एक साथ किया जाएगा। प्रतिभागी रिकॉर्डेड सत्रों को समर्पित यूट्यूब प्लेलिस्ट के माध्यम से भी पुनः देख सकेंगे।
उद्देश्यः
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रतिभागी:
- साइबरस्पेस के उभरते जोखिमों की समझ
- साइबर सुरक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव
- साइबर सुरक्षा का महत्व और डिजिटल स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता
- डिजिटल गेमिंग से जुड़े सुरक्षा पहलुओं की समझ
- डिजिटल गोपनीयता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारीपूर्ण डिजिटल व्यवहार।
कार्यक्रम अनुसूची:
दिन व तिथि | सत्र का शीर्षक | विशेषज्ञ | बैनर लिंक | प्रस्तुति लिंक | विडियो लिंक |
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दिन - 1: सोमवार 10 मार्च 2025 |
एआई संचालित विश्व में साइबर सुरक्षा | डॉ. अर्जुन विट्ठलराव माने,सहायक प्राध्यापक (कंप्यूटर साइंस),शासकीय न्यायालयिक विज्ञान संस्थान, नागपुर, महाराष्ट्र | Day 1 | Presentation_Day 1 | Video |
दिन - 2: मंगलवार 11 मार्च 2025 |
साइबर सुरक्षा के संदर्भ में स्वास्थ्य एवं कल्याण | डॉ. यतन पाल सिंह बलहारा,प्रोफेसर (मनोचिकित्सा),एम्स, नई दिल्ली | Day 2 | Presentation_Day 2 | Video |
दिन - 3: बुधवार 12 मार्च 2025 |
गेमिंग सुरक्षा | श्री साकेत कुमार झा, वैज्ञानिक 'डी', सी-डैक, पटना, बिहार | Day 3 | Presentation_Day 3 | Video |
दिन - 4: गुरूवार 13 मार्च 2025 |
डिजिटल गिरफ़्तारी | डॉ. दीपक कुमार,वरिष्ठ तकनीकी प्रबंधक,भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), गृह मंत्रालय, नई दिल्ली | Day 4 | Presentation_Day 4 | Video |
दिन - 5: शनिवार 15 मार्च 2025 |
सोशल मीडिया सुरक्षा | मेजर विनीत कुमार,संस्थापक एवं वैश्विक अध्यक्ष,साइबर पीस फाउंडेशन | Day 5 | Presentation_Day 5 | Video |
आयोजक समूह: कार्यक्रम सलाहकार:
प्रो. अमरेंद्र प्रसाद बेहेरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, नई दिल्ली। कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक : डॉ. एंजेल रत्नाबाई, सहायक आचार्य, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, नई दिल्ली। तकनीकी समन्वयक: श्री गुरजीत सिंह, जूनियर प्रोजेक्ट फेलो, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, नई दिल्ली। |
कैसे भाग लें?
चरण 1 : पंजीकरण:
प्रतिभागियों को निम्नलिखित लिंक या क्यूआर कोड का उपयोग करके पंजीकरण करना होगा - https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSff241kNdaQikvx12RSnIltfSGi-3Xi4lX5XXgkEedUE5LoXQ/viewform या QR कोड स्कैन करें -
चरण 2: लाइव सत्र देखें और विषय के बारे में जानें: प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेना होगा, जिसका सीधा प्रसारण NCERT के आधिकारिक YouTube चैनलhttp://youtube.com/ncertofficial पर 10-15 मार्च, 2025 तक शाम 4:00- 5:00 बजे (सोमवार से शुक्रवार) किया जाएगा। सत्र का सीधा प्रसारण निम्नलिखित चैनलों पर भी किया जाएगा
- पीएम ईविद्या चैनल #6-12
- डीडी फ्री डिश चैनल
- डिश टीवी चैनल #2027-2033
- Jio टीवी मोबाइल ऐप
https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4jylcp8C26BZMdg-zjfrlI4
चरण 3: ऑनलाइन पाठ्यक्रम में नामांकन करें, सत्रोत्तर गतिविधि में भाग लें और प्रमाण पत्र प्राप्त करें:
यदि आप प्रमाणपत्र प्राप्त करने में रुचि रखते हैं, तो आपको निम्नलिखित कार्य करना होगा:
- दीक्षा पोर्टल पर शुरू होने वाले ऑनलाइन पाठ्यक्रम में शामिल हों।
पाठ्यक्रम लिंक: https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_31426853004388761614914
यह कोर्स 30 अप्रैल, 2025 तक खुला रहेगा। - पाठ्यक्रम में शामिल हों, सभी पांचों वीडियो देखें।
- पाठ्यक्रम का अंतिम मूल्यांकन करें। आप केवल तीन बार ही मूल्यांकन का प्रयास कर सकते हैं।
- यदि आप अंतिम मूल्यांकन में 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं, तो आपको प्रमाणपत्र प्राप्त होगा। आप अपने दीक्षा प्रोफाइल पेज पर जाकर अपना प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने में 15 से 20 दिन लग सकते हैं।
- यदि पोर्टल में कोई समस्या है तो दीक्षा पोर्टल पर शिक्षक सहायता में अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
चरण 4: अपनी प्रतिक्रिया दें: -
लिंक या QR कोड का उपयोग करके अपनी प्रतिक्रिया दें -
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSc-WkCpiQ2CWaEaSyecaP6WZdYUGwoq3xwIphDECtoqjBGcUw/viewform
या QR कोड स्कैन करके -
यह प्रतिक्रिया फॉर्म आपके अनुभवों, आपके सीखने और ऑनलाइन प्रशिक्षण के संबंध में सुझावों को जानने के लिए बनाया गया है। कृपया हमारे साथ अपने अनुभवों और सुझावों को साझा करें। यह हमें वर्चुअल प्रशिक्षण प्रक्रिया में और सुधार करने में मदद करेगा। आपकी प्रतिक्रियाओं की गोपनीयता सुनिश्चित रखी जाएगी।
किसी भी जानकारी के लिए, यहां मेल करें: training.helpdesk@ciet.nic.in या कॉल करें: 8800440559.