अधिगम प्रबंधन प्रणाली (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम): मूडल

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पाँच दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला

"अधिगम प्रबंधन प्रणाली (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम): मूडल"

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 शिक्षा के सभी स्तरों पर पहुँच, समानता, गुणवत्ता और अधिगम परिणामों में सुधार हेतु डिजिटल प्रौद्योगिकियों के सार्थक और प्रभावी उपयोग पर विशेष बल देती है। यह नीति प्रौद्योगिकी को लचीली, समावेशी और शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण साधन मानती है, जिससे मिश्रित (ब्लेंडेड) और ऑनलाइन शिक्षण को बढ़ावा मिलता है तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया सुदृढ़ होती है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्मों को विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने, सतत् मूल्यांकन को सरल बनाने तथा डेटा-आधारित शैक्षणिक निर्णय लेने में सहायक माध्यम के रूप में देखा जाता है। इस संदर्भ में, अधिगम प्रबंधन प्रणाली (एलएमएस) शिक्षण गतिविधियों की योजना बनाने, उनके संचालन, मूल्यांकन तथा निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल व्यवस्था के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

एलएमएस प्लेटफ़ॉर्म एक सुव्यवस्थित अधिगम वातावरण प्रदान करते हैं, जो लचीले अधिगम मार्गों को संभव बनाते हैं, सहभागिता और सहयोग को बढ़ावा देते हैं तथा शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रगति का अनुश्रवण करने में सहायता करते हैं। अधिगम संसाधनों तक कभी भी और कहीं भी पहुँच उपलब्ध कराकर एलएमएस शिक्षा की पहुँच को सुदृढ़ करता है और विभिन्न विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होता है। मूडल (मॉड्यूलर ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड डायनेमिक लर्निंग एनवायरनमेंट), एक लोकप्रिय मुक्त-स्रोत अधिगम प्रबंधन प्रणाली है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के शैक्षणिक उद्देश्यों के अनुरूप है। इसकी खुली संरचना, विस्तार क्षमता और लचीलापन इसे शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों, विद्यालयों तथा उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए उपयुक्त बनाते हैं।

मूडल शिक्षार्थी-केंद्रित और दक्षता-आधारित शिक्षा का समर्थन करता है। इसमें प्रत्येक विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार सीख सकता है, अपनी गति से आगे बढ़ सकता है और समय-समय पर उसे सही मार्गदर्शन और प्रतिक्रिया मिलती रहती है। यह विभिन्न ऑनलाइन साधनों के माध्यम से मिलकर सीखने और अनुभव से सीखने के अवसर भी देता है। साथ ही, वीडियो, ऑडियो, आसान पहुँच (Accessibility) और कई भाषाओं की सुविधा के कारण सभी विद्यार्थियों के लिए सीखना सरल और समावेशी बनाता है। इस प्रकार, मूडल केवल एक तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म भर नहीं है, बल्कि एक उपयोगी और प्रभावी शैक्षिक व्यवस्था है जो नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करती है।

इस संदर्भ में, सीआईईटी-एनसीईआरटी “अधिगम प्रबंधन प्रणाली (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम): मूडल” विषय पर पाँच घंटे की ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला का आयोजन कर रहा है। यह प्रशिक्षण 16–20 फरवरी 2026 तक अंग्रेज़ी संस्करण में तथा 23–27 फरवरी 2026 तक हिंदी संस्करण में प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को मूडल का केवल एक तकनीकी उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि प्रभावी, सहभागितापूर्ण, समावेशी तथा दक्षता-आधारित शिक्षण के लिए एक सशक्त शैक्षणिक प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उपयोग करने हेतु सक्षम बनाना है। यह पाँच दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की डिजिटल एवं शैक्षणिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के लिए तैयार किया गया है, ताकि वे मूडल का प्रभावी उपयोग कर सकें।

इस कार्यक्रम में सबसे पहला चरण अधिगम प्रबंधन प्रणाली (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) की अवधारणाओं, नीतिगत दृष्टिकोण, आवश्यकता और क्षेत्र को समझना है। इसके बाद प्रतिभागी कोर्स डिज़ाइन, डिजिटल एवं मुक्त शैक्षणिक संसाधनों के एकीकरण और इंटरैक्टिव शिक्षण गतिविधियों के व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं। इसके अंतर्गत, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप डेटा गोपनीयता, शिक्षार्थी सुरक्षा, डिजिटल कल्याण तथा प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। ये सत्र एनसीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किए जाएंगे तथा पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनल (6–12) और जियो टीवी मोबाइल एप्लिकेशन पर भी एक साथ प्रसारित होंगे। रिकॉर्ड किए गए सत्र एक विशेष यूट्यूब प्लेलिस्ट के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे प्रतिभागी अपनी सुविधा के अनुसार महत्वपूर्ण अवधारणाओं और शिक्षण तकनीकों की पुनः समीक्षा कर सकेंगे।

उद्देश्य

प्रशिक्षण के अंत तक प्रतिभागी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:

  1. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की दृष्टि और अनुशंसाओं के अनुरूप अधिगम प्रबंधन प्रणाली (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) की अवधारणा, आवश्यकता, कार्य-क्षेत्र एवं नीतिगत परिप्रेक्ष्य की समझ विकसित करना।
  2. पाठ्यक्रम उद्देश्यों तथा अधिगम परिणाम-आधारित शिक्षा के अनुरूप मूडल का उपयोग करते हुए ऑनलाइन एवं मिश्रित पाठ्यक्रमों का डिज़ाइन और प्रबंधन करना।
  3. पाठ्यक्रमों को समृद्ध बनाने तथा शिक्षार्थियों की सहभागिता, समावेशिता और स्व-गति अधिगम को बढ़ावा देने हेतु डिजिटल एवं मुक्त शैक्षणिक संसाधनों (OERs) का एकीकरण करना।
  4. दक्षता-आधारित, अनुभवात्मक और शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षण को समर्थन देने वाली इंटरैक्टिव शिक्षण गतिविधियों और मूल्यांकन का निर्माण एवं प्रबंधन करना।
  5. डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, डिजिटल कल्याण और प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग के सिद्धांतों को अपनाते हुए अधिगम परिणाम-आधारित अधिगम वातावरण का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना।
कार्यक्रम की समय-सारिणी:
दिन एवं तिथि सत्र का शीर्षक संसाधन विशेषज्ञ का नाम बैनर प्रस्तुति यूट्यूब लिंक
दिन - 1:
सोमवार
23 फरवरी, 2026
अधिगम प्रबंधन प्रणाली: नीतिगत परिप्रेक्ष्य, अवधारणा, आवश्यकता और क्षेत्र डॉ. मोहम्मद मामूर अली, सहायक प्रोफेसर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली – 110025 Day 1 Presentation-1 Video
दिन - 2:
मंगलवार
24 फरवरी, 2026
मूडल का परिचय: इंटरफ़ेस, खाता निर्माण एवं पाठ्यक्रम संरचना डॉ. बीजू के, सहायक प्रोफेसर, केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु, तिरुवरूर, तमिलनाडु- 610005 Day 2 Video
दिन - 3:
बुधवार
25 फरवरी, 2026
मूडल में पाठ्यक्रम समृद्धि के लिए संसाधन डॉ. जी. मैथिली, अतिरिक्त निदेशक, स्ट्राइड (दूरस्थ शिक्षा एवं प्रशिक्षण हेतु शिक्षण संसाधन प्रभाग), इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली- 110068 Day 3
दिन - 4:
गुरुवार
26 फरवरी, 2026
मूडल में पाठ्यक्रम समृद्धि हेतु गतिविधियाँ डॉ. मोहम्मद मामूर अली, सहायक प्रोफेसर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली – 110025 Day 4
दिन - 5:
शुक्रवार
27 फरवरी, 2026
अधिगम प्रबंधन प्रणाली: सुरक्षा एवं संरक्षा संबंधी चिंताएँ श्री परवीन कुमार, निदेशक, अंग्रेज़ी भाषा एवं संप्रेषण, वैश्विक सहभागिता कार्यालय, अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, ताशकंद, उज़्बेकिस्तान – 100066 Day 5

आयोजक टीम

कार्यक्रम सलाहकार:

प्रो. अमरेन्द्र प्र. बेहेरा, (अल्पकालीन) संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख- जनसंपर्क विभाग (PRD), केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016

प्रो. इंदु कुमार, प्रमुख, डीआईसीटी, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016

कार्यक्रम एवं पाठ्यक्रम समन्वयक:

डॉ. एंजेल रत्नाबाई, सह आचार्य, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016

तकनीकी समन्वयक:

डॉ. गीता धस्माना, शैक्षणिक सलाहकार, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरविंदो मार्ग, नई दिल्ली – 110016

सुश्री आकांक्षा, शैक्षणिक सलाहकार, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016

कैसे भाग ले सकते हैं ?

चरण 1 : पंजीकरण:
प्रतिभागियों को निम्नलिखित लिंक का उपयोग करके पंजीकरण करना होगा-
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSf1WXqcEDYM6_cTUMF2Et-y2wgtPYrM0zJodlnly1FiNlpFGA/viewform?usp=header या QR कोड स्कैन करें -

चरण 2: लाइव सत्र देखें और विषय के बारे में सीखें
प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेना होगा, जो 16–20 फरवरी 2026 (अंग्रेज़ी संस्करण) तथा 23–27 फरवरी 2026 (हिंदी संस्करण) के दौरान (सोमवार से शुक्रवार, सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक) एनसीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल - http://youtube.com/ncertofficial पर सीधे प्रसारित किए जाएंगे।


सत्र निम्न माध्यमों पर भी सीधे प्रसारित किए जाएंगे:
  • पीएम ईविद्या चैनल #6-12
  • डीडी फ्री डिश चैनल
  • डिश टीवी चैनल #2027-2033
  • जियो टीवी मोबाइल ऐप

यदि किसी ने सीधा प्रसारण नहीं देखा है, तो वे प्लेलिस्ट लिंक का उपयोग करके रिकॉर्डिंग देख सकते हैं:
https://youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4i19zgx3zC3JhJf_ornnbu1&si=fASm5BGVX-w5-8rJ


ऑनलाइन कोर्स में भाग लें, पोस्ट-आकलन में हिस्सा लें और प्रमाणपत्र प्राप्त करें:

जो प्रतिभागी प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:

  • ऑनलाइन कोर्स जॉइन करें: यह कोर्स “दीक्षा” पोर्टल पर लॉन्च किया जाएगा। कोर्स का लिंक प्रशिक्षण के अंतिम दिन सायं 7:00 बजे तक कार्यक्रम पृष्ठ पर अपडेट किया जाएगा। यह कोर्स 29 मार्च 2026 तक उपलब्ध रहेगा।
  • प्रतिभागियों को कोर्स में शामिल होना होगा और सभी पाँच वीडियो देखने होंगे।
  • प्रतिभागियों को अंतिम मूल्यांकन (Final Assessment) देना होगा। प्रतिभागी तीन बार तक मूल्यांकन का प्रयास कर सकते हैं।
  • जो प्रतिभागी अंतिम मूल्यांकन में 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा। प्रमाणपत्र उनके “दीक्षा” प्रोफ़ाइल पेज पर उपलब्ध होगा। प्रमाणपत्र प्राप्त करने में 15–20 दिन का समय लग सकता है।

चरण 4: प्रतिपुष्टि (फीडबैक) जमा करें:
प्रतिभागियों से अपेक्षा की जाती है कि वे निम्नलिखित लिंक या क्यूआर कोड का उपयोग करके अपनी प्रतिपुष्टि प्रस्तुत करें।
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSfu2qeRfsq2MT6i7Hlp1OCbQbbcy4GYvpQKySCKA2eBiAEUPw/viewform?usp=header

या QR कोड स्कैन करें:

यह प्रतिपुष्टि फॉर्म प्रतिभागियों के अनुभव, सीख और ऑनलाइन प्रशिक्षण से संबंधित सुझाव जानने के लिए बनाया गया है। इससे भविष्य में वर्चुअल प्रशिक्षण प्रक्रिया में सुधार करने में सहायता मिलेगी।

किसी भी जानकारी के लिए, यहां मेल करें: training.helpdesk@ciet.nic.in या कॉल करें: 8800440559.

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