डिजिटल शिक्षकः विकसित होती दक्षताएँ, व्यावसायिक पहचान और अभ्यास

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ऑनलाइन प्रशिक्षण

"डिजिटल शिक्षकः विकसित होती दक्षताएँ, व्यावसायिक पहचान और अभ्यास"

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के ‘शिक्षक’ वाले अध्याय में शिक्षकों को अधिगम की प्रक्रिया का मुख्य आधार माना गया है। नीति में इस बात पर बल दिया गया है कि बदलती शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें, इसके लिए उनका सतत व्यावसायिक विकास आवश्यक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण-पद्धतियों, नवाचारों तथा अपने व्यावसायिक क्षेत्र में हो रही प्रगति को सीखने के लिए निरंतर अवसर प्रदान करने की अनुशंसा करती है। इसमें तकनीक सक्षम प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन कार्यक्रमों के माध्यम से अधिगम के अवसर भी सम्मिलित हैं (अध्याय 5, पैरा 5.15)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षकों के लिए व्यावसायिक मानकों के विकास पर भी बल देती है, जिसमें उनके व्यावसायिक विकास के विभिन्न चरणों के लिए आवश्यक दक्षताओं, व्यावसायिक मूल्यों और भूमिकाओं को सम्मिलित किया गया है (अध्याय 5, पैरा 5.20)। साथ ही, यह नीति तकनीक सक्षम शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं और डिजिटल शिक्षणशास्त्र के महत्व को रेखांकित करती है, जो शिक्षण अनुभवों को समृद्ध करने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण संसाधनों तक पहुँच को बढ़ाने में सहायक हैं (अध्याय 4, पैरा 4.46; अध्याय 23)।

इस संदर्भ में, तेज़ी से बदलता हुआ डिजिटल परिवेश शिक्षकों की दक्षताओं, व्यावसायिक कार्यप्रणालियों और भूमिकाओं को निरंतर प्रभावित कर रहा है। शिक्षा में डिजिटल तकनीकों के समावेश के लिए शिक्षकों में यह क्षमता विकसित करना आवश्यक है कि वे शैक्षिक उद्देश्यों और अधिगमकर्ताओं की विविध आवश्यकताओं के अनुसार डिजिटल उपकरणों और संसाधनों का सोच-समझकर चयन, मूल्यांकन और सार्थक उपयोग कर सकें। डिजिटल दक्षता केवल तकनीक के तकनीकी उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें डिजिटल सामग्री का निर्माण, सहयोग, संचार, आकलन, आँकड़ों के आधार पर निर्णय लेना, तकनीक का नैतिक एवं जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग तथा अपने व्यावसायिक कार्यों पर चिंतन भी सम्मिलित है। साथ ही, तकनीक शिक्षकों की व्यावसायिक पहचान को भी नए रूप दे रही है, जिससे सहयोग, ज्ञान साझा करने, नवाचार और सतत व्यावसायिक अधिगम के नए अवसर मिल रहे हैं। शिक्षा में सार्थक मानवीय संवाद को बनाए रखते हुए उसे सशक्त करने में शिक्षक आज भी केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। उनकी भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने वाले शिक्षक से आगे बढ़कर सुविधादाता (Facilitator), मार्गदर्शक (Mentor), अधिगम के अनुभवों के योजनाकार, चिंतनशील शिक्षक (Reflective Practitioner) और आजीवन सीखने वाले (Lifelong Learner) के रूप में विकसित हो रही है। इसलिए, तकनीक का प्रभावी एकीकरण शिक्षकों से व्यावसायिक विवेक, नैतिक एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और ऐसी तकनीक के उपयोग की अपेक्षा करता है, जो शिक्षार्थी केंद्रित, समावेशी और दक्षता आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे।

अतः सीआईईटी-एनसीईआरटी शिक्षकों की उभरती हुई डिजिटल दक्षताओं और पेशेवर अभ्यास के लिए उनके निहितार्थों की समझ को सशक्त करने के लिए "डिजिटल शिक्षक: विकसित हो रही दक्षताएं, पेशेवर पहचान और अभ्यास" पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षण अधिगम प्रक्रियाओं में डिजिटल प्रौद्योगिकियों को सार्थक रूप से एकीकृत करने और चिंतनशील और डेटा सूचित प्रथाओं को विकसित करने के लिए शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाना, उनकी विकसित हो रही पेशेवर भूमिकाओं और पहचान को सशक्त करना और एनईपी 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप समावेशी, शिक्षार्थी केंद्रित और योग्यता आधारित शिक्षा का समर्थन करने के लिए प्रौद्योगिकी का नैतिक और प्रभावी ढंग से उपयोग करना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य (Objectives of the Training) :

प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद, अधिगमकर्ता निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगेः

  • शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विज़न और शिक्षक की भूमिकाओं, योग्यताओं और पेशेवर प्रथाओं के विकास के लिए इसके निहितार्थों को समझने में।
  • डिजिटल रूप से सक्षम शिक्षण वातावरण में शिक्षक स्वायत्तता और पेशेवर पहचान के बदलते आयामों का वर्णन करने में।
  • ए.आई. और उभरती प्रौद्योगिकियों के शिक्षण प्रथाओं पर प्रभाव की जांच करने और उनके सार्थक एकीकरण के लिए आवश्यक दक्षताओं की पहचान करने में।
  • शिक्षकों की अवधारणा को प्रस्तावकों के रूप में समझने और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के सृजन, उपचार, अनुकूलन और साझा करने में उनकी भूमिकाओं का पता लगाने में।
  • निरंतर व्यावसायिक विकास और आजीवन व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी-सक्षम अवसरों और मंचों की पहचान करने में।
  • शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षण और पेशेवर अभ्यास को सशक्त करने के लिए नैतिक, जिम्मेदार और सार्थक प्रौद्योगिकी एकीकरण के सिद्धांतों को लागू करने में।
कार्यक्रम-अनुसूची (Programme Schedule) :
दिन एवं तिथि सत्र का शीर्षक विषय विशेषज्ञ का नाम बैनर लिंक प्रस्तुतीकरण लिंक वीडियो लिंक
दिन 1:
सोमवार
24 अगस्त, 2026
एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य में शिक्षक प्रो. शरद सिन्हा, विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर, डीटीई, एनआईई- एनसीईआरटी, नई दिल्ली- 110016 दिन 1
दिन 2:
मंगलवार
25 अगस्त, 2026
डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षक स्वायत्तता और व्यावसायिक पहचान प्रो. किरण लता डंगवाल प्रोफेसर, शिक्षा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ-220067
दिन 3:
बुधवार
26 अगस्त, 2026
एआई के युग में शिक्षण और विकसित होती शिक्षक क्षमताएं डॉ. अनुषा रामनाथन सहायक आचार्य, सीईटीई, (पूर्व में सीईआईएआर), टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस) - 400088
दिन 4:
गुरुवार
27 अगस्त, 2026
डिजिटल शिक्षण परिवेश में शिक्षक: सामग्री निर्माता एवं उपयोगकर्ता के रूप में डॉ. ए समीर बाबू, सह आचार्य, डीईएस- जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली- 110025
दिन 5:
शुक्रवार
28 अगस्त, 2026
प्रौद्योगिकी-समर्थित सतत व्यावसायिक विकास डॉ. जितेंद्र कुमार पाटीदार, सहायक प्रोफेसर, डीटीई, एनआईई- एनसीईआरटी, नई दिल्ली- 110016

आयोजक समूह :

कार्यक्रम परामर्शदाता :

प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्रो. शिरीष पाल सिंह, विभागाध्यक्ष, डीआईसीटी एवं टीडी, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक :

डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

तकनीकी समन्वयक :

डॉ. वर्षा यादव, अकादमिक सलाहकार, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

श्री सागर सिद्ध, वरिष्ठ परियोजना सहयोगी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्कार्यप्रणाली (Modality)

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण एनसीईआरटी के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:

  • DD Free Dish चैनल
  • DISH TV चैनल #2027–2033
  • Jio TV मोबाइल ऐप

रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।

यदि शिक्षार्थी 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के अंतिम दिन साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ डिजिलॉकर (DigiLocker) में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे:

  • पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
  • पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
  • अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
  • प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना

पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?

महत्वपूर्ण तिथियाँ :

पाठ्यक्रम का शीर्षक तिथियाँ
डिजिटल शिक्षकः विकसित होती दक्षताएँ, व्यावसायिक पहचान और अभ्यास लाइव सत्र : 24-28 अगस्त, 2026

पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 29 अगस्त, 2026

पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 10 मार्च 2027

पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027

जो शिक्षार्थी केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्न चरण का पालन करें :
  • NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
  • सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है :
  • https://youtube.com/playlist?list=PLKdJdpVYSzTM&si=PRfXYrAC4mXOJWfA

जो अधिगमकर्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करें :
  • चरण 1: DIKSHA पर पंजीकरण करें। अपनी APAAR ID तथा DigiLocker ID को लिंक करें। (यदि आपके पास APAAR ID या DigiLocker ID नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद DIKSHA पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।)
  • चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें- (लिंक 29 अगस्त, 2026 को अपडेट किया जाएगा।)
    ( पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ).
  • चरण 3: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
  • चरण 4: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
  • चरण 5: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
  • चरण 6: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।

किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.

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