ई-लर्निंग

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ऑनलाइन प्रशिक्षण

"ई-लर्निंग"

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के महत्व को स्वीकार करती है और शिक्षण के अवसरों तक पहुँच बढ़ाने के लिए ऑनलाइन एवं डिजिटल शिक्षा के व्यवस्थित उपयोग की अनुशंसा करती है। नीति, प्रौद्योगिकी सक्षम शिक्षा की संभावनाओं को स्वीकार करते हुए समानता, पहुँच तथा डिजिटल विभाजन से संबंधित चुनौतियों के समाधान पर भी बल देती है (अध्याय 24, पैरा 24.1–24.3)। नीति स्वयम (SWAYAM) और दीक्षा (DIKSHA) जैसे ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ करने, डिजिटल सामग्री एवं संसाधन भंडार विकसित करने, ऑनलाइन शिक्षण-अधिगम उपकरणों को बढ़ावा देने तथा शिक्षकों को प्रभावी ऑनलाइन शिक्षक एवं डिजिटल सामग्री निर्माता बनने के लिए उनकी क्षमता विकसित करने की अनुशंसा करती है (अध्याय 24, पैरा 24.4)। साथ ही, यह शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को समृद्ध बनाने के लिए डिजिटल शिक्षण-पद्धति (Digital Pedagogy) और ऑनलाइन संसाधनों के उपयोग पर बल देती है (अध्याय 4, पैरा 4.46)। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ऑनलाइन शिक्षक विकास मॉड्यूल तथा विचारों एवं श्रेष्ठ कार्य-प्रणालियों (Best Practices) को साझा करने वाले प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास के महत्व को रेखांकित करती है (अध्याय 5, पैरा 5.15)। इस संदर्भ में, ई-लर्निंग को प्रौद्योगिकी सक्षम शिक्षा के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में देखा गया है, जिसमें डिजिटल संसाधनों, शिक्षण-पद्धति, मूल्यांकन तथा शिक्षार्थी सहयोग का उचित समन्वय करके प्रभावी, समावेशी एवं समानतापूर्ण सीखने के अनुभव विकसित किए जा सकते हैं।

इसलिए, ई-लर्निंग के लिए शिक्षकों को डिजिटल उपकरणों के केवल तकनीकी उपयोग से आगे बढ़कर शिक्षणशास्त्र (Pedagogy) और अधिगम के उद्देश्यों के साथ प्रौद्योगिकी का प्रभावी एकीकरण करना आवश्यक है। इसमें उपयुक्त डिजिटल संसाधनों का चयन एवं उपयोग, ई-सामग्री का निर्माण और साझा करना, ऑनलाइन सहभागिता को सुगम बनाना, शिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना, प्रौद्योगिकी सक्षम आकलन का उपयोग करना तथा मिश्रित अधिगम (Blended Learning) जैसी पद्धतियों को अपनाना सम्मिलित है। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका केंद्रीय बनी रहती है, जबकि प्रौद्योगिकी शिक्षा की पहुँच बढ़ाने, अधिगम के अनुभवों को समृद्ध करने तथा शिक्षार्थी-केंद्रित और समावेशी शिक्षा को सहयोग प्रदान करने में सक्षम माध्यम के रूप में कार्य करती है। प्रभावी ई-लर्निंग के लिए शिक्षकों को व्यावसायिक विवेक का प्रयोग करते हुए डिजिटल प्रौद्योगिकियों का उद्देश्यपूर्ण, जिम्मेदार और शैक्षणिक दृष्टि से उपयुक्त उपयोग करना चाहिए, ताकि विभिन्न शिक्षार्थियों की विविध आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

अतः, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा “ई-लर्निंग (eLearning)” विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों में ई-लर्निंग की अवधारणाओं, सिद्धांतों एवं प्रक्रियाओं तथा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को समृद्ध बनाने में इसकी भूमिका के प्रति समझ को सुदृढ़ करना है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उपयुक्त डिजिटल संसाधनों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तथा शिक्षार्थी-केंद्रित शैक्षिक दृष्टिकोणों के माध्यम से प्रभावी ई-लर्निंग अनुभवों की योजना बनाने और उन्हें संचालित करने में शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाना है। साथ ही, यह कार्यक्रम व्यक्तिगत एवं अनुकूलित अधिगम, प्रौद्योगिकी-सक्षम आकलन, शिक्षार्थी सहयोग एवं समावेशी ई-लर्निंग की समझ को विकसित करेगा, जिससे शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि के अनुरूप शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में ई-लर्निंग का प्रभावी एवं सार्थक एकीकरण कर सकेंगे।

प्रशिक्षण के उद्देश्य (Objectives of the Training)

प्रशिक्षण पूरा होने पर, प्रतिभागी निम्नलिखित में सक्षम होंगे :

  • प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षा के संदर्भ में ई-लर्निंग की अवधारणा, सिद्धांतों, आवश्यकता और क्षेत्र को समझने और स्पष्ट करने में।
  • ई-लर्निंग के सिद्धांतों एवं मॉडलों का वर्णन करने तथा प्रभावी शिक्षण-अधिगम में उनकी प्रासंगिकता को समझने में।
  • ई-लर्निंग अनुभवों के अभिकल्पन (डिजाइन) के प्रमुख सिद्धांतों को लागू कर आकर्षक एवं शिक्षार्थी-केंद्रित अधिगम वातावरण विकसित करने में।
  • शिक्षार्थियों की विविध आवश्यकताओं, रुचियों, प्राथमिकताओं और अधिगम संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ई-लर्निंग में वैयक्तिकरण (Personalisation) के विभिन्न तरीकों का अन्वेषण करने में।
  • शिक्षार्थियों की प्रगति की निगरानी एवं अधिगम में सहयोग प्रदान करने के लिए ई-लर्निंग में मूल्यांकन एवं अधिगम विश्लेषण की भूमिका को समझने और स्पष्ट करने में।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समावेशी एवं शिक्षार्थी-केंद्रित अधिगम को प्रभावी बनाने के लिए उपयुक्त ई-लर्निंग दृष्टिकोण, डिजिटल संसाधनों एवं मूल्यांकन रणनीतियों का समेकित रूप से उपयोग करने में।
कार्यक्रम-अनुसूची (Programme Schedule) :
दिन एवं तिथि सत्र का शीर्षक विषय विशेषज्ञ का नाम बैनर लिंक प्रस्तुतीकरण लिंक वीडियो लिंक
दिन 1:
सोमवार
21 सितंबर, 2026
ई-लर्निंग: अवधारणाएँ, आवश्यकता एवं क्षेत्र प्रोफेसर आभा शर्मा, प्राचार्य, बी.एड., एससीईआरटी, नई दिल्ली-110024 दिन 1
दिन 2:
मंगलवार
22 सितंबर, 2026
ई-लर्निंग के सिद्धांत एवं प्रतिमान प्रोफ़ेसर प्रिया सचदेवा प्रोफ़ेसर, एमिटी स्कूल ऑफ़ कम्युनिकेशन एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा, उत्तर प्रदेश - 201313
दिन 3:
बुधवार
23 सितंबर, 2026
ई-लर्निंग अनुभवों का अभिकल्पन डॉ. अजिता देशमुख, सहायक प्रोफेसर, एसओईआर, एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय, पुणे, महाराष्ट्र-412201
दिन 4:
गुरुवार
24 सितंबर, 2026
ई-लर्निंग में वैयक्तिकरण (Personalisation) डॉ. सोनल शर्मा सहायक प्रोफेसर, स्कूल ऑफ़ एजुकेशन गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय वडोदरा, गुजरात-391107
दिन 5:
शुक्रवार
25 सितंबर, 2026
ई-लर्निंग में आकलन एवं अधिगम विश्लेषण (Learning Analytical) डॉ. कनक शर्मा सहायक प्रोफेसर शिक्षा विभाग राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय, अजमेर, राजस्थान-305817

आयोजक समूह :

कार्यक्रम परामर्शदाता :

प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्रो. शिरीष पाल सिंह, विभागाध्यक्ष, डीआईसीटी एवं टीडी, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक :

डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

तकनीकी समन्वयक :

डॉ. वर्षा यादव, अकादमिक सलाहकार, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

श्री सागर सिद्ध, वरिष्ठ परियोजना सहयोगी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्कार्यप्रणाली (Modality)

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण एनसीईआरटी के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:

  • DD Free Dish चैनल
  • DISH TV चैनल #2027–2033
  • Jio TV मोबाइल ऐप

रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।

यदि अधिगमकर्ता 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के अंतिम दिन साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ डिजिलॉकर (DigiLocker) में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे:

  • पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
  • पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
  • अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
  • प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना

पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?

महत्वपूर्ण तिथियाँ :

पाठ्यक्रम का शीर्षक तिथियाँ
ई-लर्निंग लाइव सत्र : 21 - 25 सितंबर 2026

पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 26 सितंबर 2026

पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 10 मार्च 2027

पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027

जो अधिगमकर्ता केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करें :
  • NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
  • सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है:

जो अधिगमकर्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करें :
  • चरण 1:दीक्षा (DIKSHA) पर पंजीकरण करें। अपनी अपार आईडी (APAAR ID) तथा डिजिलॉकर आईडी (DigiLocker ID) को लिंक करें। यदि आपके पास अपार आईडी (APAAR ID) या डिजिलॉकर आईडी (DigiLocker ID) नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।
  • चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें- (25 सितंबर 2026 को अपडेट किया जाएगा।)
    (पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ).
  • चरण 3: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
  • चरण 4: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
  • चरण 5: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
  • चरण 6: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।

किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.

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