साइबर अपराध से सुरक्षा

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ऑनलाइन प्रशिक्षण

"साइबर अपराध से सुरक्षा"

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में यह परिकल्पना की गई है कि शिक्षा में प्रौद्योगिकी के एकीकरण के साथ-साथ ऐसे उपाय भी किए जाने चाहिए जो सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार डिजिटल जुड़ाव सुनिश्चित करें। यह पहुंच, समानता, गुणवत्ता और शैक्षिक योजना में सुधार लाने में प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल देता है, साथ ही डिजिटल सुरक्षा, गोपनीयता और सुरक्षा से संबंधित चिंताओं को दूर करने की आवश्यकता को भी स्वीकार करता है (अध्याय 23: प्रौद्योगिकी का उपयोग एवं एकीकरण, अनुभाग 23.1-23.8)। इस संदर्भ में, साइबर सुरक्षा और संरक्षा पर प्रशिक्षण शिक्षार्थियों, शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षकों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों को व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, साइबर खतरों की पहचान, ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबरबुलिंग को रोकने और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से अवगत कराने के लिए महत्वपूर्ण है। इस तरह की क्षमता-निर्माण पहल सुरक्षित डिजिटल शिक्षण वातावरण के निर्माण में योगदान करती है और एनईपी 2020 में परिकल्पित प्रौद्योगिकी सक्षम शिक्षा के प्रभावी, सुरक्षित और समावेशी कार्यान्वयन का समर्थन करती है।

आज इंटरनेट और डिजिटल प्रौद्योगिकी हमारे दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। हम शिक्षा, संचार, खरीदारी, बैंकिंग और मनोरंजन के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। हालांकि, प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग से साइबर अपराध का खतरा भी बढ़ गया है। साइबर अपराध में ऑनलाइन धोखाधड़ी, हैकिंग, साइबरबुलिंग, पहचान की चोरी, फ़िशिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग जैसी गतिविधियाँ सम्मिलित हैं। बच्चे और युवा अधिक संवेदनशील हो सकते हैं क्योंकि वे ऑनलाइन बहुत समय बिताते हैं और हमेशा इन जोखिमों से अवगत नहीं हो सकते हैं। साइबर अपराध से सुरक्षा का मतलब है ऑनलाइन जोखिमों के बारे में जागरूक होना और सुरक्षित रहने के लिए सरल कदम उठाना। हमें मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना चाहिए, व्यक्तिगत जानकारी को निजी रखना चाहिए, अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए और ऑनलाइन अज्ञात लोगों के साथ संवाद करते समय सावधान रहना चाहिए। हमें सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी समझदारी से उपयोग करना चाहिए।

प्रौद्योगिकी के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के बारे में बच्चों का मार्गदर्शन करने में माता-पिता और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि बच्चे साइबरबुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, धोखाधड़ी या किसी अन्य असहज स्थिति का अनुभव करते हैं तो उन्हें किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि साइबर अपराध की रिपोर्ट कैसे की जाए और सहायता कैसे ली जाए? लोगों को ऑनलाइन घटना की रिपोर्ट करने से डरना या शर्मिंदा नहीं होना चाहिए। समय पर रिपोर्ट करने से आगे के नुकसान को रोकने और दूसरों की रक्षा करने में सहायता मिल सकती है। साइबर अपराध से सुरक्षा छात्रों, शिक्षकों, माता-पिता, स्कूलों और व्यापक समुदाय की सामूहिक ज़िम्मेदारी है। जागरूकता पैदा करके और सुरक्षित डिजिटल आदतों को विकसित करके, हम ऑनलाइन वातावरण को सभी के लिए अधिक सुरक्षित और संरक्षित बना सकते हैं।

शिक्षकों और शिक्षार्थियों के बीच जागरूकता और सुरक्षात्मक कौशल को मजबूत करने की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए, सीआईईटी-एनसीईआरटी, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के सहयोग से "साइबर अपराध से सुरक्षा" पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रौद्योगिकी के सुरक्षित, जिम्मेदार और सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देना और सभी को अधिक जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में सहायता करना है। यह कार्यक्रम साइबर जोखिमों को समझने, सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं का पालन करने, बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने और साइबर घटनाओं पर उचित प्रतिक्रिया देने में भी सहायता करेगा।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्य (Objectives of the Training) :

प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद, अधिगमकर्ता निम्नलिखित कार्य करने में सक्षम होंगेः

  • साइबर अपराध के परिदृश्य, उभरते खतरों तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, विद्यालयों और शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र पर उनके प्रभाव को समझने में।
  • सामान्य साइबर अपराधों और ऑनलाइन शोषण के विभिन्न रूपों की पहचान करने में, जिनमें साइबरबुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न, गेमिंग से संबंधित अपराध, ऑनलाइन ग्रूमिंग, सोशल मीडिया के माध्यम से शोषण, डीपफेक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित दुरुपयोग शामिल हैं।
  • साइबर अपराध, ऑनलाइन शोषण और डिजिटल हानि के चेतावनी संकेतों को पहचानने तथा बाल संरक्षण और सहायता के लिए उचित उपायों को समझने में।
  • सुरक्षित, जिम्मेदार और नैतिक डिजिटल व्यवहार विकसित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने और रिपोर्ट करने का व्यवहार अपनाने में।
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल सहित विद्यालय स्तरीय और राष्ट्रीय तंत्रों के माध्यम से साइबर घटनाओं की रिपोर्ट करने में, साथ ही भय, शर्म और झिझक जैसी बाधाओं का सामना करने में।
  • विद्यालयों में साइबर घटनाओं पर बुनियादी प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं को लागू करने में, जिसमें उचित स्तर पर सूचना देना, गोपनीयता बनाए रखना, विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखना शामिल है।
कार्यक्रम-अनुसूची (Programme Schedule) :
दिन एवं तिथि सत्र का शीर्षक विषय विशेषज्ञ का नाम बैनर लिंक प्रस्तुतीकरण लिंक वीडियो लिंक
दिन 1:
सोमवार
7 सितंबर 2026
साइबर अपराध परिदृश्य: जोखिम, रुझान और स्कूली शिक्षा पर प्रभाव डॉ. दीपक कुमार, वरिष्ठ तकनीकी कार्यक्रम प्रबंधक, आई4सी, एमएचए, नई दिल्ली-110001 दिन 1 Presentation-1 Video
दिन 2:
मंगलवार
8 सितंबर 2026
बच्चों को ऑनलाइन अपराधों और शोषण से बचाना सुश्री संगीता मजूमदार सिपाही, अंडमान और निकोबार पुलिस अंडमान और निकोबार द्वीप समूह-744101 दिन 2 Presentation-2 Video
दिन 3:
बुधवार
9 सितंबर 2026
डिजिटल अधिकार, उत्तरदायित्व और सुरक्षित डिजिटल नागरिकता सुश्री सुमेधा हांडा, भेद्यता और खतरा प्रबंधन विशेषज्ञ आई4सी, एमएचए, नई दिल्ली-110001 दिन 3 Presentation-3 Video
दिन 4:
गुरुवार
10 सितंबर 2026
साइबर अपराध की रिपोर्टिंग और सहायता प्राप्ति हेतु व्यवहार सुश्री काजल कश्यप साइबर अपराध शोधकर्ता आई4सी, एमएचए, नई दिल्ली-110001 दिन 4 Presentation-4 Video
दिन 5:
शुक्रवार
11 सितंबर 2026
विद्यालयों में साइबर घटनाओं पर प्रतिक्रिया सुश्री निशा पांडे पेशेवर पारिस्थितिकी तंत्र विशेषज्ञ आई4सी, एमएचए, नई दिल्ली-110001 दिन 5

आयोजक समूह :

कार्यक्रम परामर्शदाता :

प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्रो. शिरीष पाल सिंह, विभागाध्यक्ष, डीआईसीटी एवं टीडी, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक :

डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

तकनीकी समन्वयक :

डॉ. वर्षा यादव, अकादमिक सलाहकार, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

श्री सागर सिद्ध, वरिष्ठ परियोजना सहयोगी, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्कार्यप्रणाली (Modality)

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण एनसीईआरटी के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:

  • DD Free Dish चैनल
  • DISH TV चैनल #2027–2033
  • Jio TV मोबाइल ऐप

रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।

यदि शिक्षार्थी 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के अंतिम दिन साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ डिजिलॉकर (DigiLocker) में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे:

  • पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
  • पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
  • अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
  • प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना

पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?

महत्वपूर्ण तिथियाँ :

पाठ्यक्रम का शीर्षक तिथियाँ
साइबर अपराध से सुरक्षा लाइव सत्र : 07-11 सितंबर 2026

पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 12 सितंबर 2026

पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 10 मार्च 2027

पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027

जो शिक्षार्थी केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्न चरण का पालन करें :
  • NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
  • सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है :
  • https://youtube.com/playlist?list=PLYeDthswfgao&si=MdIQojzJOR65b8Bp

जो अधिगमकर्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करें :
  • चरण 1:दीक्षा (DIKSHA) पर पंजीकरण करें। अपनी अपार आईडी (APAAR ID) तथा डिजिलॉकर आईडी (DigiLocker ID) को लिंक करें। यदि आपके पास अपार आईडी (APAAR ID) या डिजिलॉकर आईडी (DigiLocker ID) नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।
  • चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें- (12 सितंबर 2026 को अपडेट किया जाएगा।)
    ( पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ).
  • चरण 3: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
  • चरण 4: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
  • चरण 5: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
  • चरण 6: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।

किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.

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