ऑनलाइन प्रशिक्षण
"घोटाले, धोखाधड़ी और डिजिटल वित्तीय सुरक्षा"
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तकनीक के सार्थक और सुरक्षित उपयोग के लिए जागरूकता, कौशल तथा जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने के महत्व को स्वीकार करती है। इसमें शिक्षार्थियों और नागरिकों को प्रौद्योगिकी की संभावनाओं एवं उसके प्रभावों को समझने, सोच-समझकर निर्णय लेने तथा डिजिटल परिवेश में गोपनीयता, कानून, नैतिक मुद्दों और डेटा संरक्षण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता पर बल दिया गया है (अध्याय 23: प्रौद्योगिकी का उपयोग एवं एकीकरण)। डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल भुगतान प्रणालियों के बढ़ते उपयोग के साथ घोटालों, धोखाधड़ी और वित्तीय जोखिमों के प्रति जागरूकता डिजिटल साक्षरता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। इस संदर्भ में, “घोटाले, धोखाधड़ी एवं डिजिटल वित्तीय सुरक्षा” पर प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षार्थियों, शिक्षकों, शिक्षक-प्रशिक्षकों, अभिभावकों तथा अन्य हितधारकों को सामान्य डिजिटल घोटालों की पहचान करने, धोखाधड़ी वाले संदेशों एवं अनुरोधों को पहचानने, व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को सुरक्षित रखने, डिजिटल भुगतान सेवाओं का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा संदिग्ध धोखाधड़ी की स्थिति में उचित कार्रवाई करने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना है। इस प्रकार की क्षमता-वर्धन गतिविधियाँ सूचित निर्णय लेने, जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और वित्तीय सुरक्षा के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दे सकती हैं। यह पहल डिजिटल परिवेश में तकनीक के सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार उपयोग संबंधी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स और प्रौद्योगिकी-सक्षम वित्तीय सेवाओं के तेजी से विस्तार ने व्यक्तियों और व्यवसायों के धन के उपयोग एवं प्रबंधन के तरीके को बदल दिया है। हालांकि, इन विकासों के साथ विभिन्न प्रकार के जटिल डिजिटल घोटालों और वित्तीय धोखाधड़ी में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही फिशिंग (Phishing), स्मिशिंग (Smishing), विशिंग (Vishing), निवेश एवं ऋण संबंधी घोटाले, नौकरी एवं ऑनलाइन संबंधों से जुड़े धोखाधड़ी के मामले, पहचान की चोरी (Identity Theft), बैंक/खाते पर अनधिकृत नियंत्रण (Account Takeover) तथा AI के माध्यम से पहचान की नकल (AI-enabled Impersonation) जैसी जटिल डिजिटल धोखाधड़ियाँ भी बढ़ी हैं। सोशल इंजीनियरिंग, भ्रामक डिजिटल इंटरफेस और उभरती प्रौद्योगिकियों के बढ़ते उपयोग ने वित्तीय घोटालों को पहचानना और उनसे बचाव करना अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है। ऐसे संदर्भ में, डिजिटल वित्तीय जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा घोटालों की पहचान, रोकथाम और उचित प्रतिक्रिया के लिए व्यावहारिक क्षमता विकसित करना एक सुरक्षित और अधिक सक्षम डिजिटल परिवेश के निर्माण के लिए आवश्यक है।
शिक्षकों एवं शिक्षार्थियों में डिजिटल जागरूकता और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को सुदृढ़ करने की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली द्वारा साइबरपीस (प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण) के सहयोग से “घोटाले, धोखाधड़ी एवं डिजिटल वित्तीय सुरक्षा” विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रौद्योगिकी के सुरक्षित, जिम्मेदार एवं सकारात्मक उपयोग को बढ़ावा देने तथा सभी प्रतिभागियों को अधिक जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने में सहायता करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम साइबर जोखिमों को समझने, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, बच्चों को ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखने तथा साइबर घटनाओं के प्रति उचित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने की समझ विकसित करने में भी सहयोग करेगा।
प्रशिक्षण के उद्देश्य (Objectives of the Training)
प्रशिक्षण पूरा होने पर, प्रतिभागी निम्नलिखित में सक्षम होंगे :
- सामान्य एवं उभरते हुए ऑनलाइन घोटालों तथा डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों के प्रति जागरूकता विकसित करने में।
- धोखाधड़ी करने वालों द्वारा अपनाए जाने वाले चेतावनी संकेतों, भ्रामक तरीकों एवं सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों की पहचान करने में सक्षम होने में।
- UPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट, कार्ड तथा ऑनलाइन भुगतान प्लेटफॉर्म का सुरक्षित एवं जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने में।
- वित्तीय एवं डिजिटल सुरक्षा से संबंधित सुरक्षित व्यवहारों और सावधानियों की समझ को सुदृढ़ करने में।
- धोखाधड़ी वाले लेन-देन के बाद उचित रिपोर्टिंग, साक्ष्य सुरक्षित रखने, धनराशि की वापसी तथा विवाद समाधान की प्रक्रियाओं को समझने में।
- व्यक्तियों, परिवारों, समुदायों तथा संवेदनशील एवं जोखिमग्रस्त उपयोगकर्ता समूहों में दीर्घकालिक डिजिटल वित्तीय सुरक्षा एवं सजगता को बढ़ावा देने में।
कार्यक्रम-अनुसूची (Programme Schedule) :
| दिन एवं तिथि | सत्र का शीर्षक | विषय विशेषज्ञ का नाम | बैनर लिंक | प्रस्तुतीकरण लिंक | वीडियो लिंक |
|---|---|---|---|---|---|
|
दिन 1: सोमवार 12 अक्टूबर, 2026 |
डिजिटल धोखाधड़ी के परिदृश्य की समझ | सुश्री अनिंदिता मिश्रा, वरिष्ठ प्रशिक्षक साइबरपीस, नई दिल्ली – 110001 | दिन 1 | Presentation-1 | Video |
|
दिन 2: मंगलवार 13 अक्टूबर, 2026 |
डिजिटल भुगतान एवं बैंकिंग सुरक्षा | सुश्री मुस्कान शर्मा अनुसंधान विश्लेषक नीति साइबरपीस, नई दिल्ली – 110001 | दिन 2 | Presentation-2 | Video |
|
दिन 3: बुधवार 14 अक्टूबर, 2026 |
धोखाधड़ी की रोकथाम एवं साइबर घोटालों की पहचान | श्री नमन श्रीधर, वरिष्ठ शोधकर्ता साइबरपीस, नई दिल्ली – 110001 | दिन 3 | Presentation-3 | Video |
|
दिन 4: गुरुवार 15 अक्टूबर, 2026 |
वित्तीय धोखाधड़ी की घटनाओं पर प्रतिक्रिया | डॉ. गौरव गुप्ता वैज्ञानिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नई दिल्ली, 110003 | दिन 4 | Presentation-4 | Video |
|
दिन 5: शुक्रवार 16 अक्टूबर, 2026 |
दीर्घकालिक डिजिटल वित्तीय लचीलापन का निर्माण | मेजर विनीत कुमार संस्थापक और वैश्विक अध्यक्ष साइबरपीस, नई दिल्ली – 110001 | दिन 5 | ||
|
आयोजक समूह : कार्यक्रम परामर्शदाता :
प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।
कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक : डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली। तकनीकी समन्वयक :
डॉ. वर्षा यादव, अकादमिक सलाहकार, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली।
|
|||||
प्कार्यप्रणाली (Modality)
इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण एनसीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:
- डीडी फ्री डिश चैनल
- डिश टीवी चैनल #2027–2033
- जियो टीवी मोबाइल ऐप
रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।
यदि अधिगमकर्ता 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के अंतिम दिन साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ डिजिलॉकर (DigiLocker) में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
अधिगमकर्ताओं को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे:
- पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
- पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
- अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
- प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना
पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?
महत्वपूर्ण तिथियाँ :
| पाठ्यक्रम का शीर्षक | तिथियाँ |
|---|---|
| घोटाले, धोखाधड़ी और डिजिटल वित्तीय सुरक्षा |
लाइव सत्र : 12 – 16 अक्टूबर 2026 पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 17 अक्टूबर 2026 पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 10 मार्च 2027 पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027 |
जो अधिगमकर्ता केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करें :
- एनसीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल/पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
- सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है: https://youtube.com/playlist?list=PLZXpqD5SpyDU&si=V0VDdnq-11R3u2HV
जो अधिगमकर्ता प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्नलिखित चरणों का पालन करें :
- चरण 1:दीक्षा (DIKSHA) पर पंजीकरण करें। अपनी अपार आईडी (APAAR ID) तथा डिजिलॉकर आईडी (DigiLocker ID) को लिंक करें। यदि आपके पास अपार आईडी (APAAR ID) या डिजिलॉकर आईडी (DigiLocker ID) नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।
- चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें- (लिंक 17 अक्टूबर, 2026 को अपडेट किया जाएगा।)
(पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ). - चरण 3: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
- चरण 4: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
- चरण 5: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
- चरण 6: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।
किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.