पाँच दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला
"एआई युग में साइबर सुरक्षा"
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अब तेज़ी से डिजिटल प्रणालियों का हिस्सा बनती जा रही है, जिससे व्यक्ति और संस्थानों द्वारा प्रौद्योगिकी के उपयोग का तरीका बदल गया है। आज के समय में शिक्षा, संचार, शासन, डेटा प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और सामग्री निर्माण जैसे क्षेत्रों में “एआई-सक्षम” प्रौद्योगिकियों का व्यापक रूप से उपयोग हो रहा है। यद्यपि आधुनिक प्रौद्योगिकियाँ काम को आसान, तेज़ और अधिक रचनात्मक बनाती हैं लेकिन इसके साथ कुछ नई साइबर सुरक्षा संबंधी समस्याएँ भी सामने आती हैं। इसलिए एआई का सही और सुरक्षित उपयोग करने के लिए जागरूकता और जिम्मेदारी बहुत आवश्यक है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रणालियाँ बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह, स्वचालित निर्णय-निर्माण और एल्गोरिदम प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के माध्यम से कार्य करती हैं। इसके परिणामस्वरूप ये प्रणालियाँ अनधिकृत डेटा पहुँच, गोपनीयता उल्लंघन, एल्गोरिथ्मिक पक्षपात, स्वचालित साइबर हमले, डीपफेक में हेरफेर और एआई-सहायित धोखाधड़ी जैसे जोखिमों के प्रति संवेदनशील हो जाती हैं। जेनरेटिव एआई उपकरणों और बुद्धिमान प्लेटफॉर्मों के बढ़ते उपयोग ने साइबर खतरों के दायरे को और व्यापक बना दिया है जिससे साइबर सुरक्षा व्यक्तियों के साथ-साथ शैक्षिक संस्थानों के लिए भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गई है।
शिक्षक, प्रशासक और शिक्षार्थी शिक्षण - अधिगम प्रक्रियाओं, मूल्यांकन, संचार और शैक्षणिक सहायता के लिए एआई-सक्षम डिजिटल प्लेटफॉर्मों पर लगातार अधिक निर्भर होते जा रहे हैं जिससे शैक्षिक कार्यों में दक्षता, त्वरित प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सीखने के अवसर बढ़ रहे हैं। हालांकि, एआई प्रणालियाँ कैसे काम करती हैं, डेटा कैसे संसाधित होता है तथा साइबर जोखिम कैसे उत्पन्न होते हैं, इस बारे में सीमित जागरूकता उपयोगकर्ताओं को पहचान के दुरुपयोग, गलत सूचना और व्यक्तिगत व संस्थागत डेटा के समझौते जैसे खतरों के प्रति उजागर कर सकती है। इसलिए एआई से जुड़े साइबर खतरों की समझ आधुनिक डिजिटल साक्षरता का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक बन गई है।
एआई के क्षेत्र में साइबर सुरक्षा केवल प्रौद्योगिकी सुरक्षा उपायों तक सीमित नहीं है। इसमें डेटा और डिजिटल पहचान की सुरक्षा, “एआई-आधारित” साइबर खतरों के प्रति जागरूकता, एआई उपकरणों का नैतिक उपयोग तथा कानूनी और नियामक ढाँचों का पालन शामिल है। शैक्षणिक संस्थान शिक्षकों और विद्यार्थियों को एआई प्रौद्योगिकियों के साथ जिम्मेदार ढंग से जुड़ने में सहायता करने के साथ-साथ आलोचनात्मक सोच, जिम्मेदारी और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की संस्कृति को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
“एआई युग में साइबर सुरक्षा” पर यह ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों और संस्थागत हितधारकों के बीच एआई प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग से संबंधित ज्ञान और व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करने का उद्देश्य रखता है। यह कार्यक्रम एआई प्रणालियों और उनके साइबर प्रभावों पर वैचारिक स्पष्टता प्रदान करेगा, “एआई-सक्षम” उभरते खतरों को रेखांकित करेगा तथा डेटा, गोपनीयता और डिजिटल पहचान की सुरक्षा हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिभागियों और शिक्षार्थियों को एआई-आधारित डिजिटल उपकरणों के साथ विवेकपूर्ण और नैतिक सहभागिता के लिए मार्गदर्शन देने में सक्षम बनाया जाएगा।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है जिसमें डिजिटल साक्षरता, समालोचनात्मक सोच, प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग और साइबर सुरक्षा को शिक्षा के आवश्यक घटकों के रूप में विशेष महत्व दिया गया है (अनुभाग 23 - 24)। एनईपी 2020 इस बात पर बल देती है कि शिक्षकों और विद्यार्थियों को ऐसे ज्ञान और कौशल प्रदान किए जाएँ जिससे वे डिजिटल और प्रौद्योगिकी -समृद्ध वातावरण में सुरक्षित, जिम्मेदार और समझदारीपूर्ण ढंग से कार्य कर सकें।
इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी) - एनसीईआरटी, भारत सरकार (GoI), नई दिल्ली के द्वारा “एआई युग में साइबर सुरक्षा” विषय पर पाँच घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण सत्र का अंग्रेज़ी संस्करण 02 से 06 फरवरी, 2026 तक और हिंदी संस्करण 09 से 13 फरवरी, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक लाइव सत्र आयोजित किए जाएंगे।
ये सत्र एनसीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किए जाएंगे तथा साथ ही पीएम ई-विद्या डीटीएच टीवी चैनल (6-12) और जियो टीवी मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होंगे। सभी सत्रों की रिकॉर्डिंग भविष्य में संदर्भ हेतु एक विशेष प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रशिक्षण के उद्देश्य
प्रशिक्षण के अंत तक प्रतिभागी निम्नलिखित में सक्षम होंगे:
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मूल अवधारणाओं और साइबर सुरक्षा में उनकी प्रासंगिकता को समझना।
- शैक्षिक परिवेश में उभरते एआई-सक्षम साइबर खतरों और उनसे जुड़े जोखिमों की पहचान करना।
- एआई-आधारित प्रणालियों से संबंधित नैतिक, कानूनी और डेटा गोपनीयता संबंधी चुनौतियों को समझना।
- शिक्षार्थियों और कर्मचारियों के बीच एआई उपकरणों के सुरक्षित, जिम्मेदार और जागरूक उपयोग को बढ़ावा देना।
- एआई-सक्षम डिजिटल वातावरण में साइबर सुरक्षा प्रथाओं को सुदृढ़ करने में संस्थानों को सहयोग प्रदान करना।
कार्यक्रम की समय-सारिणी:
| दिन एवं तिथि | सत्र का शीर्षक | संसाधन विशेषज्ञ का नाम | बैनर | प्रस्तुति | यूट्यूब लिंक |
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दिन - 1: सोमवार 09 फरवरी, 2026 |
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर जोखिम परिदृश्य | डॉ. संजय मदान, वैज्ञानिक ‘ई’, प्रगत संगणन विकास केंद्र, मोहाली, पंजाब- 160071 | Day 1 | Presentation-1 | Video |
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दिन - 2: मंगलवार 10 फरवरी, 2026 |
एआई साइबर खतरे: डीपफेक, धोखाधड़ी और गलत सूचना | डॉ. जसकरण सिंह, प्रोफेसर, अनुसंधान डीन एवं विभागाध्यक्ष, विज्ञान एवं फोरेंसिक विज्ञान संकाय, गीता विश्वविद्यालय, पानीपत, हरियाणा- 132145 | Day 2 | Presentation-2 | Video |
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दिन - 3: बुधवार 11 फरवरी, 2026 |
एआई के युग में डेटा, गोपनीयता और डिजिटल पहचान | डॉ. सुरभि पांडे, सहायक आचार्य, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA), नई दिल्ली- 110002 | Day 3 | Presentation-3 | Video |
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दिन - 4: गुरुवार 12 फरवरी, 2026 |
एआई प्रणालियों में नैतिक, कानूनी एवं शासन संबंधी चुनौतियाँ | डॉ. जसकरण सिंह, प्रोफेसर, अनुसंधान डीन एवं विभागाध्यक्ष, विज्ञान एवं फोरेंसिक विज्ञान संकाय, गीता विश्वविद्यालय, पानीपत, हरियाणा- 132145 | Day 4 | ||
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दिन - 5: शुक्रवार 13 फरवरी, 2026 |
साइबर सुरक्षा सुदृढ़ीकरण के लिए एआई का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग | सुश्री चेतना खन्ना, स्वतंत्र शिक्षाविद्, निदेशक, अभ्यस्त प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली- 110015 | Day 5 | ||
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आयोजक टीम कार्यक्रम सलाहकार:
प्रो. अमरेन्द्र प्र. बेहेरा, (अल्पकालीन) संयुक्त निदेशक एवं प्रमुख- जनसंपर्क विभाग (PRD), केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016
कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक: डॉ. एंजेल रत्नाबाई, सह आचार्य, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016 तकनीकी समन्वयक:
सुश्री आकांक्षा, शैक्षणिक सलाहकार, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी, श्री अरबिंदो मार्ग, नई दिल्ली- 110016
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कैसे भाग ले सकते हैं ?
चरण 1 : पंजीकरण:
प्रतिभागियों को निम्नलिखित लिंक का उपयोग करके पंजीकरण करना होगा-
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSd_Mho1CMASo8Ppf7Y_Jump1hER7WUKMJWdclE_BzJBZfZBiQ/viewform
या QR कोड स्कैन करें -
चरण 2: लाइव सत्र देखें और विषय के बारे में सीखें
प्रतिभागियों को प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेना होगा, जो एनसीईआरटी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल http://youtube.com/ncertofficial पर 09 - 13 फरवरी, 2026, शाम 4.00 बजे से 5.00 बजे तक (सोमवार से शुक्रवार) सीधे प्रसारित किए जाएंगे। सत्र निम्न माध्यमों पर भी सीधे प्रसारित किए जाएंगे:
सत्र निम्न माध्यमों पर भी सीधे प्रसारित किए जाएंगे:
- पीएम ईविद्या चैनल #6-12
- डीडी फ्री डिश चैनल
- डिश टीवी चैनल #2027-2033
- जियो टीवी मोबाइल ऐप
यदि किसी ने सीधा प्रसारण नहीं देखा है, तो वे प्लेलिस्ट लिंक का उपयोग करके रिकॉर्डिंग देख सकते हैं:
https://youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4jWiILPhrZ4zhEnbExqHFTR&si=f5Pxcv4KMqpY_GDy
चरण 3: ऑनलाइन कोर्स में भाग लें, पोस्ट-आकलन में हिस्सा लें और प्रमाणपत्र प्राप्त करें
जो प्रतिभागी प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, उन्हें निम्नलिखित कदम उठाने होंगे:
- ऑनलाइन कोर्स जॉइन करें: यह कोर्स “दीक्षा” पोर्टल पर लॉन्च किया जाएगा। कोर्स का लिंक प्रशिक्षण के अंतिम दिन शाम 7 बजे तक इवेंट पेज पर अपडेट कर दिया जाएगा। यह कोर्स 15 मार्च 2026 तक उपलब्ध रहेगा।
- प्रतिभागियों को कोर्स में शामिल होना होगा और सभी पाँच वीडियो देखने होंगे।
- प्रतिभागियों को अंतिम मूल्यांकन देना अनिवार्य है। प्रतिभागी तीन बार तक मूल्यांकन का प्रयास कर सकते हैं।
- जो प्रतिभागी अंतिम मूल्यांकन में 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें प्रमाणपत्र दिया जाएगा। प्रमाणपत्र उनके “दीक्षा” प्रोफ़ाइल पेज पर उपलब्ध होगा। प्रमाणपत्र प्राप्त करने में 15–20 दिन का समय लग सकता है।
चरण 4: फीडबैक जमा करें
प्रतिभागियों से अपेक्षा की जाती है कि वे निम्न लिंक का उपयोग करके फीडबैक जमा करें:
https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeXuNgkm0z-_FHdr2Y-GGYX8SiDS2jgh8wbUUYKzcWxuUj5nA/viewform?usp=header
या QR कोड स्कैन करें:
यह फीडबैक फॉर्म प्रतिभागियों के अनुभव, सीखने और ऑनलाइन प्रशिक्षण से संबंधित सुझाव जानने के लिए बनाया गया है। इससे भविष्य में वर्चुअल प्रशिक्षण प्रक्रिया में सुधार करने में सहायता मिलेगी।
किसी भी जानकारी के लिए, यहां मेल करें: training.helpdesk@ciet.nic.in या कॉल करें: 8800440559.

