ऑनलाइन प्रशिक्षण
"डिजिटल युग में शिक्षाशास्त्र की पुनर्कल्पना"
एनईपी 2020 के अध्याय 23 में शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, सुलभ, समान और प्रभावी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। यह नीति शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने, शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, सहयोग और अन्य 21वीं सदी के कौशलों के विकास के लिए डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर बल देती है। (अनुच्छेद 23.1, 23.5, 23.6 एवं 23.8)। इसी दृष्टिकोण के अनुरूप, स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एसई) 2023 शिक्षार्थी-केंद्रित, दक्षता-आधारित और समावेशी शिक्षा पर जोर देती है। इसमें शैक्षिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी, व्यक्तिगत अधिगम, प्रभावी मूल्यांकन तथा शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास को बढ़ावा दिया जाता है। (अध्याय 6: शैक्षिक प्रौद्योगिकी, खंड 6.2)। इसी प्रकार, आधारभूत अवस्था के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ-एफएस) 2022 बच्चों की विकासात्मक आवश्यकताओं के अनुसार खेल-आधारित, अनुभवात्मक और जिज्ञासा-आधारित शिक्षण पर बल देती है। साथ ही, यह विभिन्न शिक्षार्थियों के अधिगम अनुभवों को बेहतर बनाने में उपयुक्त डिजिटल संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार करती है। (खंड 5.4)।
वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल प्रौद्योगिकियों के बढ़ते उपयोग ने शिक्षण और अधिगम की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। कक्षाएँ अब केवल पारंपरिक शिक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऐसे अधिगम परिवेश के रूप में विकसित हो रही हैं जो सहयोग, लचीलापन, सृजनात्मकता और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देते हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल संसाधनों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा अंतःक्रियात्मक तकनीकों के उपयोग से मिश्रित (ब्लेंडेड) और संकर (हाइब्रिड) अधिगम, व्यक्तिगत शिक्षण तथा प्रभावी शिक्षार्थी सहभागिता के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।
शैक्षिक प्रक्रियाओं में हो रहे बदलावों के साथ शिक्षकों के लिए ऐसे नवाचारी शिक्षण तरीकों को अपनाना आवश्यक हो गया है, जो विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन, समस्या-समाधान, सहयोग और स्व-निर्देशित अधिगम को बढ़ावा दें। उभरती हुई प्रौद्योगिकियाँ विभिन्न शिक्षार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा करने, आँकड़ों के आधार पर निर्णय लेने तथा शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास को मजबूत करने में भी सहायक हैं। इसलिए, शिक्षाशास्त्र को इस प्रकार विकसित करने की आवश्यकता है कि डिजिटल प्रौद्योगिकियों का प्रभावी उपयोग करते हुए शिक्षार्थी-केंद्रित, समावेशी, आकर्षक और भविष्य के लिए तैयार अधिगम अनुभव प्रदान किए जा सकें।
इसी संदर्भ में, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), एनसीईआरटी ‘डिजिटल युग में शिक्षाशास्त्र की पुनर्कल्पना’ विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण श्रृंखला आयोजित कर रहा है। इसका उद्देश्य शिक्षकों, शिक्षक-शिक्षकों, भावी शिक्षकों, विद्यालय प्रमुखों तथा अन्य हितधारकों की क्षमताओं को विकसित करना है, ताकि वे डिजिटल अधिगम परिवेश में आधुनिक शिक्षण दृष्टिकोणों को समझकर उनका प्रभावी उपयोग कर सकें। यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को परिवर्तनकारी शिक्षाशास्त्र, मिश्रित (ब्लेंडेड) एवं संकर (हाइब्रिड) अधिगम मॉडल, सक्रिय अधिगम रणनीतियों, प्रौद्योगिकी-सहायित व्यक्तिगत अधिगम तथा सतत व्यावसायिक विकास के लिए चिंतनशील शिक्षण पद्धतियों की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता करेगा।
प्रशिक्षण के उद्देश्य
प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत शिक्षार्थी:
- पारंपरिक शिक्षक-केंद्रित शिक्षण से शिक्षार्थी-केंद्रित तथा तकनीक-आधारित शिक्षण-अधिगम दृष्टिकोणों की ओर हो रहे परिवर्तन को समझना।
- समकालीन कक्षाओं में मिश्रित (ब्लेंडेड) और संकर (हाइब्रिड) अधिगम मॉडल, तथा फ्लिप्ड क्लासरूम जैसी रणनीतियों का प्रभावी उपयोग करना।
- विद्यार्थियों की सहभागिता, सहयोग और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ाने के लिए सक्रिय अधिगम रणनीतियों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना।
- डिजिटल एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों द्वारा समर्थित व्यक्तिगत और अनुकूलनशील (एडैप्टिव) अधिगम दृष्टिकोणों का अन्वेषण और उपयोग करना।
- डिजिटल उपकरणों और व्यावसायिक अधिगम नेटवर्कों के माध्यम से चिंतनशील शिक्षण पद्धतियों तथा निरंतर व्यावसायिक विकास को सुदृढ़ करना।
कार्यक्रम अनुसूची:
| दिन एवं तिथि | सत्र का शीर्षक | विषय विशेषज्ञ का नाम | बैनर लिंक | प्रस्तुतीकरण लिंक | वीडियो लिंक |
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दिन 1: सोमवार 22 जून 2026 |
पारंपरिक से रूपांतरणकारी तक: डिजिटल युग में शिक्षाशास्त्रीय बदलाव | डॉ. मोनिका नागपाल, अतिथि सहायक प्राध्यापक, स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड रिसर्च (SOER), एमआईटी-एडीटी विश्वविद्यालय, पुणे, महाराष्ट्र | |||
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दिन 2: मंगलवार 23 जून 2026 |
समकालीन कक्षाओं के लिए ब्लेंडेड एवं हाइब्रिड अधिगम मॉडल | डॉ. मोहम्मद मामूर अली, सहायक प्राध्यापक, शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुपचारिक शिक्षा विभाग, आईएएसई, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली | |||
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दिन 3: बुधवार 24 जून 2026 |
डिजिटल अधिगम परिवेश में सक्रिय अधिगम: रणनीतियाँ एवं उपकरण | डॉ. रुचि द्विवेदी, सहायक प्राध्यापक, मीडिया निर्माण विभाग, सीआईईटी-एनसीईआरटी, नई दिल्ली | |||
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दिन 4: गुरुवार 25 जून 2026 |
प्रौद्योगिकी के माध्यम से वैयक्तिकृत एवं अनुकूलनशील अधिगम | डॉ. बिजू के. सहायक प्राध्यापक, केंद्रीय विश्वविद्यालय, तमिलनाडु | |||
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दिन 5: शुक्रवार 26 जून 2026 |
डिजिटल युग में चिंतनशील शिक्षण एवं सतत व्यावसायिक विकास | डॉ. कनक शर्मा, सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग, राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय | |||
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आयोजन टीम कार्यक्रम परामर्शदाता :
प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।
कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक : डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली। सहयोगकर्ता: सुश्री सरिता जादव, एसोसिएट कार्यक्रम अधिकारी, यूनेस्को, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली। तकनीकी समन्वयक :
डॉ. गीता धसमाना, अकादमिक सलाहकार , केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।
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कार्यप्रणाली (Modality)
इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:
- DD Free Dish चैनल
- DISH TV चैनल #2027–2033
- Jio TV मोबाइल ऐप
रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ
विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।
यदि शिक्षार्थी 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत मान्य प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते
हैं, तो उन्हें DIKSHA पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के
अंतिम दिन साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात शिक्षार्थियों को निम्न कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी
आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल
पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ DigiLocker में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
शिक्षार्थियों को निम्न कार्य पूर्ण करने होंगे:
- पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
- पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
- अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
- प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना
पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?
महत्वपूर्ण तिथियाँ :
| पाठ्यक्रम का शीर्षक | तिथियाँ |
|---|---|
| बच्चों के विरुद्ध ऑनलाइन हिंसा |
लाइव सत्र : 22-26 जून 2026 पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 27 जून 2026 पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 10 मार्च 2027 पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027 |
जो शिक्षार्थी केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्न चरण का पालन करें :
- NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
- सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है : https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4gE-x2LfQGK3OqoG4TW9PEe
जो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्न चरणों का पालन करें :
- चरण 1: DIKSHA पर पंजीकरण करें। अपनी APAAR ID तथा DigiLocker ID को लिंक करें। (यदि आपके पास APAAR ID या DigiLocker ID नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद DIKSHA पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।)
- चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें।
(लिंक 27 जून 2026 को अपडेट किया जाएगा।)
( पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ). - चरण 3: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
- चरण 4: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
- चरण 5: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
- चरण 6: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।
किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.