मशीन के अदृश्य खतरे - स्व-चालित खतरों से निपटना

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ऑनलाइन प्रशिक्षण

"मशीन के अदृश्य खतरे - स्व-चालित खतरों से निपटना"

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 शिक्षा में डिजिटल प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है। यह शिक्षा की पहुँच, समानता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए डिजिटल तकनीक के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग पर बल देती है। साथ ही, यह डिजिटल मंचों के सुरक्षित और नैतिक उपयोग को भी आवश्यक मानती है। इसी दिशा में, NCF-SE 2023 (भाग B, अनुभाग 6.4) साइबर सुरक्षा को डिजिटल साक्षरता और डिजिटल नागरिकता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है। इसमें कहा गया है कि शिक्षार्थियों में ऐसी व्यावहारिक समझ विकसित होनी चाहिए, जिससे वे साइबर बुलिंग, फ़िशिंग, पहचान की चोरी तथा अनुचित या भ्रामक ऑनलाइन सामग्री जैसे खतरों को पहचान सकें और उनसे सुरक्षित रह सकें। यह रूपरेखा व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, गोपनीयता सेटिंग्स की समझ तथा ऑनलाइन जानकारी साझा करते समय सावधानीपूर्वक निर्णय लेने के महत्व पर भी बल देती है। साथ ही, यह डिजिटल सामग्री की विश्वसनीयता को परखने, गलत जानकारी की पहचान करने तथा सही और बदली हुई जानकारी में अंतर समझने के लिए आलोचनात्मक चिंतन कौशल विकसित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

वर्तमान शैक्षिक परिदृश्य में डिजिटल शिक्षण और ऑनलाइन मंचों का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे शिक्षा की पहुँच बढ़ी है और नए नवाचारों को बढ़ावा मिला है। हालाँकि, इसके साथ कई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। इनमें साइबर खतरे, डीपफेक, डेटा उल्लंघन, डिजिटल उपकरणों का दुरुपयोग तथा अकादमिक सत्यनिष्ठा से जुड़ी चिंताएँ शामिल हैं। इसलिए साइबर सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के जिम्मेदार उपयोग की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ये जोखिम सीधे तौर पर विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके अधिगम को प्रभावित करते हैं। साइबर बुलिंग, कृत्रिम मीडिया के माध्यम से भ्रम फैलाना तथा अप्रमाणित मंचों के जरिए डेटा का अनधिकृत प्रसार जैसी समस्याएँ बढ़ती जागरूकता की मांग करती हैं। ऐसी परिस्थितियाँ अधिक विश्वसनीय मूल्यांकन प्रक्रियाओं और सोच-समझकर लिए गए व्यावसायिक निर्णयों की आवश्यकता को भी रेखांकित करती हैं।

उभरते साइबर जोखिमों से निपटने के लिए एक बहु-स्तरीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इसमें शिक्षक, विद्यालय, शिक्षार्थी, अभिभावक तथा पूरी शिक्षा प्रणाली की सहभागिता महत्वपूर्ण है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक नियमित शिक्षण के साथ साइबर सुरक्षा, डिजिटल नैतिकता और डेटा गोपनीयता जैसे विषयों को जोड़ सकते हैं। वे विद्यार्थियों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने, डिजिटल सामग्री का सोच-समझकर मूल्यांकन करने तथा डिजिटल जोखिमों की समय रहते पहचान करने के लिए मार्गदर्शन दे सकते हैं। इसके माध्यम से शिक्षार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन कौशल और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार का विकास किया जा सकता है। इससे अधिक सुरक्षित और संरक्षित अधिगम वातावरण सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है। विद्यालय भी इन प्रयासों को मजबूत बना सकते हैं। इसके लिए वे संरचित डिजिटल नागरिकता कार्यक्रम, जागरूकता गतिविधियाँ तथा साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग के स्पष्ट तंत्र विकसित कर सकते हैं। ये सभी प्रयास मिलकर अधिगम पारिस्थितिकी तंत्र में साइबर सुरक्षा जागरूकता और जिम्मेदार डिजिटल सहभागिता को बढ़ावा देते हैं।

इसी संदर्भ में, CIET-NCERT “मशीन के अदृश्य खतरे - स्व-चालित खतरों से निपटना” विषय पर एक ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन कर रहा है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षकों तथा अन्य हितधारकों में जागरूकता और क्षमता निर्माण करना है। यह प्रशिक्षण एआई-आधारित उभरते साइबर खतरों की समझ को गहरा करने, सुरक्षित और नैतिक डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करने तथा साइबर सुरक्षा रणनीतियों को सुदृढ़ करने का प्रयास करता है, ताकि सभी शिक्षार्थियों के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण के उद्देश्य

प्रशिक्षण पूर्ण होने पर शिक्षार्थी:

  • एआई-आधारित विश्व में जागरूकता की आवश्यकता को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • एआई के युग में विभिन्न साइबर खतरों का वर्णन कर सकेंगे।
  • कक्षा-कक्ष में एआई के उपयोग से जुड़े विभिन्न जोखिमों को स्पष्ट कर सकेंगे।
  • अकादमिक सत्यनिष्ठा से संबंधित चुनौतियों का अन्वेषण कर सकेंगे।
  • साइबर खतरों के प्रति प्रतिक्रिया देने के विभिन्न उपायों का वर्णन कर सकेंगे।
कार्यक्रम अनुसूची:
दिवस एवं तिथि सत्र का शीर्षक संसाधन व्यक्ति का नाम बैनर लिंक प्रस्तुतीकरण लिंक वीडियो लिंक
दिवस 1:
सोमवार
11 मई 2026
साइबर खतरे: अवधारणा, स्वरूप और प्रवृत्तियाँ डॉ. मोहम्मद मामूर अली, सहायक प्रोफेसर, जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली Day 1 Presentation-1 Video
दिवस 2:
मंगलवार
12 मई 2026
डीपफेक की पहचान और कृत्रिम मीडिया डॉ. सुब्रता घोष, सहायक प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, प्रबंधन और व्यवसाय प्रशासन विभाग, मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल- 741249 Day 2 Presentation-2 Video
दिवस 3:
बुधवार
13 मई 2026
एआई के साथ सहभागिता में जोखिम श्री गौरव सोम, सहायक प्रोफेसर, फोरेंसिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएफएसटी), मौलाना अबुल कलाम आज़ाद यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, नदिया पश्चिम बंगाल – 741249 Day 3 Presentation-3 Video
दिवस 4:
गुरुवार
14 मई 2026
एजेंटिक युग में अकादमिक सत्यनिष्ठा सुश्री चेतना खन्ना, स्वतंत्र शिक्षाविद्, निदेशक, अभ्यस्त प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली – 110015 Day 4 Presentation-4 Video
दिवस 5:
शुक्रवार
15 मई 2026
साइबर सुरक्षा प्रो. डॉ. जसकरण सिंह, डीन - स्कूल ऑफ साइंसेज़, गीता विश्वविद्यालय, पानीपत, हरियाणा – 132145 Day 5 Presentation-5 Video

आयोजन टीम

कार्यक्रम परामर्शदाता :

प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहरा, संयुक्त निदेशक, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

प्रो. शिरीष पाल सिंह, विभागाध्यक्ष, डीआईसीटी एवं टीडी, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

कार्यक्रम समन्वयक एवं पाठ्यक्रम समन्वयक :

डॉ. एंजेल रत्नाबाई, एसोसिएट प्रोफेसर, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

तकनीकी समन्वयक :

डॉ. कल्पना क., अकादमिक परामर्शदाता, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

श्री कैलाश सिंह, वरिष्ठ तकनीकी परामर्शदाता, केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान, एनसीईआरटी, नई दिल्ली।

कार्यप्रणाली (Modality)

इस ऑनलाइन प्रशिक्षण की सभी सत्रों का सीधा प्रसारण NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल - NCERT Official YouTube Channel पर किया जाएगा तथा PM e-Vidya DTH टीवी चैनल्स (6–12) पर प्रतिदिन सायं 4:00 बजे से 5:00 बजे तक एक साथ प्रसारित किया जाएगा। सत्रों का लाइव प्रसारण निम्न माध्यमों पर भी उपलब्ध रहेगा:

  • DD Free Dish चैनल
  • DISH TV चैनल #2027–2033
  • Jio TV मोबाइल ऐप

रिकॉर्डेड सत्र एक समर्पित YouTube प्लेलिस्ट के माध्यम से भी उपलब्ध रहेंगे। शिक्षार्थी संबंधित विषय की बेहतर समझ विकसित करने हेतु इन लाइव अथवा रिकॉर्डेड सत्रों का अवलोकन कर सकते हैं।

यदि शिक्षार्थी 50 घंटे के सतत व्यावसायिक विकास (CPD) के अंतर्गत मान्य प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, तो उन्हें DIKSHA पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ना होगा। पाठ्यक्रम का लिंक लाइव सत्र के अंतिम दिवस साझा किया जाएगा। पाठ्यक्रम से जुड़ने के पश्चात शिक्षार्थियों को निम्न कार्य पूर्ण करने होंगे। सभी आवश्यकताओं को सफलतापूर्वक पूरा करने पर डिजिटल प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर भी उपलब्ध रहेगा तथा उसे डाउनलोड करने के साथ-साथ DigiLocker में भी प्राप्त किया जा सकेगा।
शिक्षार्थियों को निम्न कार्य पूर्ण करने होंगे:

  • पंजीकरण प्रपत्र भरना
  • पाठ्यक्रम में उपलब्ध सभी डिजिटल संसाधनों का अध्ययन करना
  • पाठ्यक्रम में दी गई गतिविधियों में सहभागिता करना
  • अंतिम मूल्यांकन में तीन प्रयासों के भीतर न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना
  • प्रतिपुष्टि (Feedback) प्रपत्र भरना

पाठ्यक्रम में सहभागिता कैसे करें?

महत्वपूर्ण तिथियाँ :

पाठ्यक्रम का शीर्षक तिथियाँ
मशीन के अदृश्य खतरे - स्व-चालित खतरों से निपटना लाइव सत्र : 11–15 मई 2026

पाठ्यक्रम नामांकन प्रारम्भ तिथि : 15 मई 2026

पाठ्यक्रम नामांकन की अंतिम तिथि : 01 मार्च 2027

पाठ्यक्रम समापन तिथि : 15 मार्च 2027

जो शिक्षार्थी केवल लाइव सत्र में सहभागिता करना चाहते हैं तथा प्रमाणपत्र प्राप्त करने का उद्देश्य नहीं रखते हैं, वे निम्न चरण का पालन करें :
  • NCERT के आधिकारिक YouTube चैनल / PM eVidya DTH टीवी चैनल पर लाइव सत्र देखें तथा विशेषज्ञों के साथ संवाद करें।
  • सत्रों की रिकॉर्डिंग निम्न प्लेलिस्ट लिंक के माध्यम से भी देखी जा सकती है :
  • https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4jf2mdpv_JRvXa8s_QcU3pO

जो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते हैं, वे निम्न चरणों का पालन करें :
  • चरण 1: DIKSHA पर पंजीकरण करें। अपनी APAAR ID तथा DigiLocker ID को लिंक करें। (यदि आपके पास APAAR ID या DigiLocker ID नहीं है, तो पहले उसे बनाएं और उसके बाद DIKSHA पोर्टल पर विवरण जोड़ें। यदि यह प्रक्रिया पहले से पूर्ण है, तो इस चरण को छोड़ा जा सकता है।)
  • चरण 2: पाठ्यक्रम लिंक का उपयोग करके ऑनलाइन पाठ्यक्रम से जुड़ें - https://learning.diksha.gov.in/diksha/course.php?id=1170§ion=2457
    ( पाठ्यक्रम से जुड़ने की प्रक्रिया को समझने हेतु ट्यूटोरियल देखें - https://www.youtube.com/playlist?list=PLcsj1x9n9h4j0TtGCy_jKJyEX7y6mD6Rs ).
  • चरण 3: पाठ्यक्रम के भीतर दिए गए पंजीकरण फॉर्म को भरें।
  • चरण 4: पाठ्यक्रम में उपलब्ध वीडियो देखें।
  • चरण 5: पाठ्यक्रम में दी गई सभी गतिविधियों को पूर्ण करें, जैसे - चर्चा मंच (Discussion Forum), सहभागी गतिविधियाँ, असाइनमेंट आदि।
  • चरण 6: अंतिम मूल्यांकन में भाग लें। इसके लिए तीन प्रयास किए जा सकते हैं। प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करना आवश्यक है। यदि तीन प्रयासों के भीतर 70% या उससे अधिक अंक प्राप्त नहीं होते हैं, तो शिक्षार्थी प्रमाणपत्र प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे।
  • चरण 7: सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले शिक्षार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा, जिसे वे अपने प्रोफ़ाइल पृष्ठ पर देख एवं डाउनलोड कर सकेंगे।

किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता हेतु ईमेल करें :training.helpdesk@ciet.nic.in अथवा संपर्क करें : 8800440559.

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